फाल्स एफिडेविट पर सीनियर सिटीजन ट्रिब्यूनल कोर्ट ने पास किया आदेश।
गवर्नर ऑफिस से भी पास हुआ एक्शन आदेश और एडिशनल कलेक्टर ने भी दिया जांच का आदेश।
खेरवाड़ी पुलिस के पास राधादेवी के विरुद्ध आवेदन पर जांच करेगी प्रियंका चव्हाण
मुंबई ब्यूरो,
मुंबई – सूत्रों से मिली खबर के अनुसार मां राधादेवी ने सीनियर सिटीजन ट्रिब्यूनल कोर्ट में अपने ही तीनों बेटों और एक विधवा बहू के विरुद्ध एक आवेदन किया। उक्त आवेदन के साथ फाल्स दस्तावेज संलग्न किए यह जानकारी SDO ऑफिस के सभी कर्मचारियों को भली भांति पता है। फिर भी आदेश राधादेवी के फेवर में पास हुआ। पीड़ित बेटों और विधवा बहू ने एडिशनल कलेक्टर यानि कि अपील अथॉरिटी ऑफिस में अपील दाखिल की यहां भी राधादेवी के फेवर में आदेश पास हुआ पीड़ित बेटों और विधवा बहू ने महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली की सभी सरकारी एजेंसी में शिकायत दिए। गवर्नर ऑफिस एक्शन लेने के लिए आदेश दिए। इस आवेदन में विष्णुवर्धन बनाम स्टेट ऑफ यूपी में दिए गए ऑर्डर कंटेंट को अंकित किया गया था। जिसमें आज से तीन सौ वर्ष पहले सुप्रीम कोर्ट ऑफ लंदन के एक चीफ जस्टिस ने कहा था कि पिटीशन के साथ लगाए गए दस्तावेज यदि फाल्स दस्तावेज पाए गए तब कोई भी सरकारी ऑफिस कोर्ट ट्रिब्यूनल उक्त पिटीशन को रद्द किया जाएगा यानी आदेश का महत्व खत्म हो जाएगा। एडिशनल कलेक्टर ने जांच के आदेश और खेरवाड़ी पुलिस की प्रियंका चव्हाण ने भी शुरू की जांच। विक्टिम्स द्वारा दाखिल की गई रिट याचिका हाई कोर्ट में पेंडिंग। एक खास बात और राधादेवी को उसकी बेटी ने ही यह सब करने के लिए मजबूर किया। बेटों से संबंध हुआ खराब। वाकोला पुलिस सहित डीसीपी को गुमराह कर पीड़ित बेटों और विधवा बहू के खिलाफ दर्ज करवाया एफ आई आर। एफ आई आर दर्ज करने वाले अधिकारी पर राधादेवी की बेटी ने राजनीतिक प्रेशर भी बनाया था। यह मामला सुप्रीम कोर्ट ऑफ लंदन और सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के कंटेंप्ट को जाहिर करता है। सरकारी अधिकारियों को दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए थी।
अब देखना है कि इस खबर के बाद न्याय किसके पक्ष में होता है। इस मीडिया ऑफिस में सबूत के तौर पर सभी दस्तावेज मौजूद है।


